कांजीभाई Vs Reporter


OMGलड़का: कांजीभाई वैसे तो में भी मानता हूँ भगवान हमारे पिता समान है, क्या वो मेरे सामने आयेगे ?
कांजीलाल: क्या तुम मंदिर मूर्ति को मानते हो ?
लड़का: हा मानता हूँ,
कांजीलाल: फिर वो तुम्हारे सामने नहीं आयेगे
लड़का: लेकिन क्यों ?
कांजीलाल: क्योकि तुम उन्हें मंदिर मूर्तियों में ढूंड रहे हो फिर उन्हें रूबरू होने की क्या जरुरत है ?

त्रिरुपथी भक्त: नहीं नहीं लेकिन यह तो गलत है भगवान तो होता ही है, 2 साल से मुझे अच्छी नौकरी नहीं मिल रही थी मेने मन्नत मांगी के मुझे अच्छी नौकरी मिल जाएगी तो में अपने बाल अर्पण कर के आऊंगा और देखो मुझे नौकरी मिल गई,

कांजीलाल: ओह ओह पुरे के पुरे अर्पण कर दिए, अच्छा आप जरा सोचिये, आप सुबह सुबह तैयार हो के ऑफिस या काम के लिए निकलते है, जैसे ही घर का दरवाजा खोलते हो तो सामने बालो का ढेर पड़ा हुआ है, काले बाल, सफ़ेद बाल, कुछ डेन्द्रफ वाले बाल, कुछ जूं वाले बाल हर किसम के बालो का बुफे लगा हुआ है, तो आप बताइए आप को कैसा लगेगा ???

त्रिरुपथी भक्त: मुझे बिलकुल भी अच्छा नहीं लगेगा,

कांजीलाल: हे न, तो सोचो भगवान को कितना बुरा लगता होगा, भगवान ने दरवाजा खोलो की बाल बाल बाल बाल बाल बाल,
आप को पता है इन बालो का क्या होता है ?? धंदा होता है, बिज़नस होता है, यह बाल अमेरिका, लन्दन विदेशो में बेचे जाते है, आप की श्रद्धा का वहा धंदा होता है,

रिपोर्टर: लेकिन उन पैसो से स्कूल, अनाथ आश्रम, अस्पताल, चैरिटेबल ट्रस्ट चलते है उससे भी आप को दिक्कत है ????

कांजीलाल: यह तो ऐसी बात हो गई जो गुटका बेचता है वही कैंसर का हॉस्पिटल खोलता है, और यह सब मेडम चलाना ही पड़ेगा, क्योकि यह सारा पैसा ब्लैक मनी का आता है, इसमें अगर वाइट का ट्रांसजंक्सन नहीं दिखाया तो इनकम टैक्स वाले गला दबा कर जेल में डाल देंगे, मुझे प्रॉब्लम है इनके पैसे निकलने के तरीको से, जिस तरह वो माफिया वाले गन दिखा के डराते है, ये लोग भगवान दिखा के डराते है, आप के बच्चो की कुंडली बहुत ख़राब है, वो मांगलिक है उसको कालसत्रप योग है, शनि का साया है मंगल की माया है क्या है यह ?? वो बेचारा अभी अभी तो पैदा हुआ है, उसको साँस तो लेने दो, फिर इस सब के इलाज के लिए वो लोग पूजा पाठ की बन्दूके निकालते है, जीते जी तो छोडिये यह आप को अगले जनम के लिए भी डराते है, हा की अगर इस जनम ये ये किया तो अगले जनम में कुत्ते बनोगे, या ये ये किया तो कीड़े बनोगे, मकोड़े बनोगे, नर्क जाओगे और यह तो नर्क का पूरा मेनू कार्ड भी पड़ते है, की वहा पर आप को काटो के बिस्तर पर सुलाया जायेगा, आग के दरिया में झोका जायेगा, गरमा गर्म तेल में फ़्राय किया जायेगा, आदमी हूँ की पकोड़ा हूँ ?

रिपोर्टर: तो आप के हिसाब से धर्म की परिभाषा किया है ???

कांजीलाल: में समझता हूँ जहाँ धर्म है न वहा सत्य के लिए जगह नहीं, और जहा सत्य और ट्रूथ है, वहा धर्म की जरुरत ही नहीं है,

रिपोर्टर: धर्म या मज़हब इन्सान की जिंदगी में क्या काम करता है ???

कांजीलाल: मेरे हिसाब से एक ही काम करता है, या तो इन्सान को बेबस बनाता है या फिर आतंकवादी।

रिपोर्टर: ओह माय गॉड, ओह माय गॉड, कांजी भाई Really, You have changed, my concept about God, honestly
कोर्ट का नतीजा कुछ भी हो, आज की युवा पीडी, युवा क्या हर पीडी को आप के जैसे सोच की जरुरत है, I applaud you ….

ओह माय गॉड