गाँव में हो रही नई कोशिशें


पिछले १ महीने से गाँव में डिजिटल साक्षरता का अभियान चलाया जा रहा था और हर रविवार को गाँव के छात्र छात्र मीटिंग करते थे, आज पंचायत भवन परिसर में उन्हीं बच्चों को पुरस्कृत किया गया. इस मौके पर बाबा श्री सत्यानन्द चौधरी ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए उन्हें सत्मार्ग पर चलते हुए विद्यार्थी के कर्तव्यों के बारे में बताया, उन्होंने खरौना को शिक्षा के मामले में संपन्न बताते हुए कहा की बिहार में शायद ही ऐसा कोई गाँव हो जहाँ इतने ज्यादा शैक्षणिक संस्थान हो, जहाँ इतनी कोशिशें की जा रही हो. बाबा ने डिजिटल साक्षरता के सफल प्रतिभागियों को आगे ईमानदारी से पढने की भी सलाह दी और कहा की कंप्यूटर और फोन के बिना आज के शिक्षित समाज की कल्पना मुश्किल है और ऐसे में हम सब को डिजिटल साक्षर बनाना चाहिए. उन्होंने कार्यक्रम संचालक सन्नी कुमार को इस तरह के आयोजन के लिए धन्यवाद दिया और तन-मन-धन से अपने गाँव के विकास के लिए किये जाने वाले कार्यक्रम में अपनी भागीदारी को लेकर आश्वासन भी दिया.
पुरस्कार वितरण से पूर्व, हर रविवार की भांति इस रविवार गाँव के छात्र ने सामूहिक चर्चा करते हुए गाँव में शिक्षा के माहौल पर चर्चा की और इस साप्ताहिक कार्यक्रम की एक रुपरेखा भी तैयार की जिससे सभी विद्यार्थियों का फायदा हो. इस मौके पर प्रिये रंजन, रवीना खातून, रवि कुमार, सोनम कुमारी, अन्नू कुमारी, मयंक पराशर, सिद्धार्थ, सुशांत कुमार आदि उपस्थित थे.
इस कोशिश में आप सब भी आमंत्रित है, आइये और देखिये खरोना बदल रहा है.

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डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम खरौना में सम्पन्न


भारत सरकार द्वारा चलाये जा रहे, राष्ट्रिय डिजिटल साक्षरता मिशन साक्षरता कार्यक्रम का आज खरौना में समापन हुआ| इस कार्यक्रम का लाभ गाँव के लगभग ४० लोगों ने लिया जिनमे अधिकांश गरीब परिवार से थे. कार्यक्रम में सफल छात्र छात्रों को डिजिटल साक्षर का प्रमाण पत्र भी दिया गया. यह ट्रेनिंग Future Institute of Management Technology and Science, Patna और ग्रामीणों के सहयोग से चलाया गया था.

चुनावी माहौल में हमारे विधायक


बिहार चुनाव नजदीक है, हम और आप रोज नये नये घोषणाओं में भरमाये जायेंगे, जिन विधायकों के दर्शन दुर्लभ थे वो घर घर वोट के लिए आयेंगे, जो अबतक न जीत पाए है, या जितने का सपना पाले हुए है वो सब भी अपनी स्कीम आपको समझायेंगे, पर हाँ आप चाहे जिसको भी वोट दे, उनकी योग्यता, उनकी काबिलियत के हिसाब से दे, एक कर्मठ व्यक्ति ही क्षेत्र का विकास कर सकता है, और अपने गाँव में तो वैसे भी सरकार का विशेष नजर नही होता….
खैर इस पोस्ट से मई आपको वर्तमान विधायक मनोज कुमार सिंह उर्फ़ मनोज कुशवाहा के बारे में बताना चाहता हूँ. मनोज कुशवाहा की योग्यता १२वीं है और ये पिछली दो बार से, मतलब १० साल से हमारे क्षेत्र का विधायक है और जो विकास की गंगा इन्होने अपने खरौना में बहाई है वो आप सब को मालूम ही है..वैसे सुना है की बीते हफ्ते इन्होने गाँव में अस्पताल की घोषणा और शिलान्यास किया है.. मनोज कुशवाहा द्वारा चुनाव आयोग को दिए सुचना आयोग के अनुसार इनके पास ४० लाख की संपत्ति थी, इस बार कम से कम ५० गुनी बढ़ गयी होगी ऐसा अनुमान है क्युकी बहुत से विधायकों की संपत्ति २००-३०० गुना बढ़ी है, खैर किसी के सम्पत्ति से अपन को क्या फिर भी ऐसे नकारे विधायकों से हमें क्या जो सिर्फ चुनाव के समय दिखे?
आप बताइए खरौना किसको वोट दे और क्यूँ?? और हाँ किसी को पता हो तो बताओ यार की क्या गाँव से भी कोई खरा हो रहा है क्या??

सरस्वती पूजा आज, उत्साह में डूबा गाँव


Basant-Panchami-Kharaunaखरौना, बासंती नवरात्र की पंचमी तिथि आज (शुक्रवार) को है। इस अवसर पर मां सरस्वती की पूजा को लेकर गाँव  उत्साहित है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गाँव में सरस्वती पूजा को लेकर लोगों, खासकर विद्यार्थियों के बिच काफी उत्साह है, बताते चले की गाँव में लगभग हर मोहल्ले में साथ ही समस्त विद्यालयों में माता सरस्वती जी का विदिहिवत पूजा किया जाता है। शक्ति स्थल, नवोदय विद्यालय, शीतल उच्च विद्यालय, मध्य विद्यालय खरौना टाँड,मध्य विद्यालय खरौना  डीह, के साथ साथ लगभग सारे ब्रह्म  स्थानों पे सार्वजानिक पूजा का आयोजन किया जाता है, बसंत पंचमी के स्वागत में आज पूरा गाँव हर्ष में डूबा रहेगा और विद्या की माता सरस्वती की पूजा प्रत्येक घर में होगी।

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मूर्ति विग्रह का संदेश
मां सरस्वती श्वेत वस्त्र धारण करती हैं और हंस वाहन है। इसका मतलब है कि लोगों का जीवन स्वच्छ व चरित्रवान होना चाहिए। हमारा ज्ञान निर्मल हो, विकृत नहीं। हाथ में पुस्तक का मतलब मनुष्य को अध्ययनशील होना चाहिए। उनके हाथ में माला से चिंतन करते रहने का संदेश है। हंस वाहन होने से मनुष्य में नीर क्षीर विवेक का गुण होना चाहिए। नदी किनारे बैठने का मतलब विद्यार्थियों को एकांत में रहकर विद्या अध्ययन करना चाहिए। तस्वीर में उगते सूर्य का होना। अध्ययन के लिए प्रात: का समय ही उपयुक्त है। वीणा से आशय संगीत साधना ही नहीं बल्कि संपूर्ण सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रियता होनी चाहिए। हाथ में किताब पुस्तकों के प्रति लगाव का द्योतक है।
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बसंत पंचमी क्यों
बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा अर्चना को लेकर अनेक धार्मिक किवदंतियां हैं। कहते हैं कि ब्रह्मा जी ने जब सृष्टि की रचना करने के बाद देखा तो उसमें कुछ कमी नजर आई। इस कमी को पूरा एक चतुर्भुजी स्त्री की रचना से की। ब्रह्मा जी ने उनके हाथों में रखी वीणा बजाने का अनुरोध किया। वीणा बजाते ही मधुर नाद से संसार के समस्त जीव-जंतुओं को वाणी प्राप्त हो गई। जड़ चेतन हो गया। तब उस देवी को वाणी की देवी सरस्वती कहा।

कुढ़नी में खुला धान क्रय केन्द्र


कुढ़नी (मुजफ्फरपुर), प्रतिनिधि : प्रखंड परिसर स्थित नवनिर्मित गोदाम में शुक्रवार को धान खरीद केन्द्र का उद्घाटन विधायक मनोज कुशवाहा ने किया। अध्यक्षता बीसीओ भुवन प्रसाद सिन्हा ने की जबकि संचालन पैक्स संघ के प्रखंड अध्यक्ष नवल किशोर यादव ने किया। पैक्स अध्यक्षों ने प्रखंड मुख्यालय पर कम से कम तीन केन्द्र खोलने की मांग की। विधायक ने इस संबंध में डीएम से बात कर इसका निदान निकालने का आश्वासन दिया। सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के उपाध्यक्ष महेश राय ने किसानों को धान का उचित मूल्य देने की सलाह पैक्स अध्यक्षों को दी। बता दें कि धान का दर प्रति क्विंटल 1250 से 1280 रुपये सरकार द्वारा निर्धारित है। मौके पर शंभू पासवान, दिनेश झा, संजय पासवान, बह्मदेव सिंह आजाद, संजय कुमार, सीओ अशोक कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।

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मुजफ्फरपुर से भी है मिस यूनिवर्स प्रतिभागी का नाता


समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर। अमेरिका के लास बेगास में 19 दिसंबर को होने वाली मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहीं शिल्पा सिंह [23 वर्ष] का बचपन मुजफ्फरपुर में बीता है। वह समस्तीपुर जिले के सिंधिया थाना क्षेत्र के विष्णुपुर डीहा गांव के सुरेश कुमार सिंह की पुत्री हैं। उनके पिता इंडियन ऑयल में सेल्स मैनेजर थे। शिल्पा को जब जन्म हुआ था तो उसके पिता मुजफ्फरपुर में पदस्थापित थे।

शिल्पा के मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करने से उनके परिवार के साथ पूरे गांव में खुशी का आलम है। सब उनकी कामयाबी की दुआ मांग रहे हैं। शिल्पा के बड़े भाई सलभ कुमार सिंह बताते हैं कि मिस यूनिवर्स के लिए उनकी बहन का चयन राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिता-आई एम शी-2012 के माध्यम से हुआ। इस प्रतियोगिता में वे फ‌र्स्ट रनर-अप रहीं। विजेता उर्वशी रौतेला का आयु ज्यादा होने के कारण मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकीं तो उनकी जगह शिल्पा को चुन लिया गया। लास बेगास में यह प्रतियोगिता 19 दिसंबर को होगी, मगर भारत में इसका सीधा प्रसारण 20 दिसंबर की सुबह 6:30 बजे ‘जी कैफे चैनल’ पर देखा जा सकेगा। इसमें विश्व के 89 देशों की सुंदरियां भाग ले रही हैं।

मुजफ्फरपुर में जन्मीं शिल्पा ने पढ़ना-लिखना भी वहीं के नॉर्थ प्वाइंट पब्लिक स्कूल में सीखा। यहां उन्होंने यूकेजी से कक्षा दो तक की पढ़ाई की। 1992 में उनके पिता का ट्रांसफर जमशेदपुर हो गया। वहां के डीबीएमएस स्कूल में तीसरी कक्षा में शिल्पा का नामांकन हुआ। मगर एक साल बाद पुन: पिता का ट्रांसफर रांची हो गया, जहां के सेक्रेट हार्ट स्कूल से शिल्पा ने 7वीं तक पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उनका परिवार मुंबई चला गया और शिल्पा ने केंद्रीय विद्यालय आइआइटी में दाखिला लिया, जहां से बारहवीं कक्षा तक की पढ़ाई की। मुंबई की ही एसवीकेएम यूनिवर्सिटी से उन्होंने कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया। फिलहाल वे इंफोसिस कंपनी में कार्यरत हैं।Shilpa

(Dainik Jagran News)

छिनतई व छेड़खानी के खिलाफ सड़क जाम


मड़वन (मुजफ्फरपुर), निप्र : हवाई अड्डा क्रासिंग के समीप एक महिला से चेन छीनने के बाद छेड़खानी करने व पुलिस द्वारा मौके पर कार्रवाई नहीं करने से आक्रोशित ग्रामीणों ने एनएच 102 को जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस यदि पीछा करती तो अपराधी पकड़े जाते। ग्रामीणों ने कहा कि तिरहुत नहर पर अवैध दारू-ताड़ी की दुकानें होने से अपराधियों का जमावड़ा होता है। तुर्की ओपी द्वारा गश्त नहीं की जाती। सड़क जाम की खबर मिलते ही सदर थानाध्यक्ष शंभू भगत वहां पहुंचे और पूर्व जिला पार्षद विनोद चौधरी के नेतृत्व में ग्रामीणों से बात की जिसके बाद हंगामा शांत हुआ। बताया गया कि शनिवार की शाम सात बजे तुर्की ओपी के खरौना की एक महिला बाजार से घर लौट रही थी। हवाई अडडे के रास्ते जैसे ही बाइपास क्रासिंग पर पहुंची, कुछ अपराधियों ने उसे घेर लिया और चेन छीन कर छेड़खानी करने लगे। इसी बीच एक ग्रामीण वहां पहुंचा और उसने पुलिस को इसकी सूचना दी। करजा पुलिस वहां पहुंची और लोगों की बात सुने बिना ही ठोकर मारते हुए भाग निकली। ठोकर से मुकेश कुमार व रंजीत चौधरी जख्मी हो गए। इसे देख ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और सड़क जाम कर दी।