है महफ़िलें आज भी पर हम तन्हां हुए है…


[This is for you Swwweetttiiieeee]

छोटा सा दिल, छोटे-छोटे सारे ख्वाब,"Unseen Friend"
थोड़ी मुहब्बत के साथ, जीने के अरमान..
कोशिश भी की मैंने की करूं जहाँ से प्यार,
जाने क्या बिगड़ा, क्या रूठा, क्या टुटा,
जी न पाया वो पल, था जिसका इन्तेजार.
कई बार कोशिश की मैंने उन पलों को भुलाऊ,
जिसने रुलाये, जिसने सताए,
जाने क्यों न हँस पाया जब सबने हँसाए..
प्यार की बाते मै तब भी करता था कम,
क्युकी ये चीज बड़ी थी और मेरी हस्ती थी कम..
ये गहराती समुन्द्र, मेरी कस्ती नयी थी,
सपने आँखों में बहुत, पर तब नींद कहा थी,
वो हकीकत में मिली थी,फिर ख्वाब की क्या परी थी…
जीन्दगी तब हसीं कहाँ कल की फ़िक़र थी..
खुश था खुद में, नहीं दुनिया की पड़ी थी…
पर वो बात तब की अब हालात नयी है.
है साथ वो लम्हे पर सब बिखड़े परे है…
है महफ़िलें आज भी पर हम तन्हां हुए है…

-सन्नी कुमार