कुढनी विधानसभा चुनाव


कुढनी विधानसभा चुनाव भाजपा के केदार गुप्ता और दो बार से चुनते आ रहे विधायक मनोज कुमार सिंह के बीच होने जा रहा है, मनोज कुमार सिंह उर्फ़ मनोज कुशवाहा के बारे में तो जनता हु और चुनावो के दौरान और एक आध बड़े लोगों के यहाँ भोज में देखा भी है पर ये नए नए महानुभाव केदार गुप्ता कौन है? खरौना बहुत हद तक विकास की राजनीती करता आया है और ऐसे में नमो रथ में बैठे ये गुप्ता जी अभी तक गम कहाँ है, कौन है ये??
क्या ये बेहतर विकल्प है या हम फिर से मनोज को चुने जिसका सहयोग कुछ विशेस नही है, हाँ हल में हस्पताल की घोषना हुयी है पर उसको गंभीरता से नही लेना चुकी माहौल चुनावी है, ढंग का पॅकेज चाहिए खरौना को, हम कोई भूखे नंगे गान तो है नहीं, हमारा इतिहास है, हमारा वर्तमान और हम ही है भविष्य…क्यूँ सही है न??
वैसे आज एक बार फिर से खरौना अखबारों में था, शायद आपने पढ़ा होगा, अगर नही पढ़ा तो फिर से पढ़िए…अपन ऐतिहासिक विरासत भी खूब समेटे है..
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गाँव में हो रही नई कोशिशें


पिछले १ महीने से गाँव में डिजिटल साक्षरता का अभियान चलाया जा रहा था और हर रविवार को गाँव के छात्र छात्र मीटिंग करते थे, आज पंचायत भवन परिसर में उन्हीं बच्चों को पुरस्कृत किया गया. इस मौके पर बाबा श्री सत्यानन्द चौधरी ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए उन्हें सत्मार्ग पर चलते हुए विद्यार्थी के कर्तव्यों के बारे में बताया, उन्होंने खरौना को शिक्षा के मामले में संपन्न बताते हुए कहा की बिहार में शायद ही ऐसा कोई गाँव हो जहाँ इतने ज्यादा शैक्षणिक संस्थान हो, जहाँ इतनी कोशिशें की जा रही हो. बाबा ने डिजिटल साक्षरता के सफल प्रतिभागियों को आगे ईमानदारी से पढने की भी सलाह दी और कहा की कंप्यूटर और फोन के बिना आज के शिक्षित समाज की कल्पना मुश्किल है और ऐसे में हम सब को डिजिटल साक्षर बनाना चाहिए. उन्होंने कार्यक्रम संचालक सन्नी कुमार को इस तरह के आयोजन के लिए धन्यवाद दिया और तन-मन-धन से अपने गाँव के विकास के लिए किये जाने वाले कार्यक्रम में अपनी भागीदारी को लेकर आश्वासन भी दिया.
पुरस्कार वितरण से पूर्व, हर रविवार की भांति इस रविवार गाँव के छात्र ने सामूहिक चर्चा करते हुए गाँव में शिक्षा के माहौल पर चर्चा की और इस साप्ताहिक कार्यक्रम की एक रुपरेखा भी तैयार की जिससे सभी विद्यार्थियों का फायदा हो. इस मौके पर प्रिये रंजन, रवीना खातून, रवि कुमार, सोनम कुमारी, अन्नू कुमारी, मयंक पराशर, सिद्धार्थ, सुशांत कुमार आदि उपस्थित थे.
इस कोशिश में आप सब भी आमंत्रित है, आइये और देखिये खरोना बदल रहा है.

डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम खरौना में सम्पन्न


भारत सरकार द्वारा चलाये जा रहे, राष्ट्रिय डिजिटल साक्षरता मिशन साक्षरता कार्यक्रम का आज खरौना में समापन हुआ| इस कार्यक्रम का लाभ गाँव के लगभग ४० लोगों ने लिया जिनमे अधिकांश गरीब परिवार से थे. कार्यक्रम में सफल छात्र छात्रों को डिजिटल साक्षर का प्रमाण पत्र भी दिया गया. यह ट्रेनिंग Future Institute of Management Technology and Science, Patna और ग्रामीणों के सहयोग से चलाया गया था.

Narendra Modi Dedicates Digital Village Akodara(Gujarat) Today Evening


Joining Prime Minister NarendraModi’s Digital India programme, top lender ICICI Bank has launched its own ‘digital village’ project while adopting an  entire village in Gujarat to provide services ranging from   cashless banking to digitised school teaching.

The project was announced today to coincide with the 60-year-celebration of the ICICI group’s existence since the erstwhile ICICI Ltd was set up in 1955. The Industrial Credit and Investment Corporation of India (ICICI) was originally set up as an Indian financial institution at the initiative of the World Bank, the Government of India and representatives of Indian industry to provide project financing to Indian businesses. It later got merged with ICICI Bank, which was set up in 1994.

The new ‘digital village’ project was announced in Modi’s presence at a function held at the bank’s headquarters here. Speaking on the new initiative, ICICI Bank’s MD and CEO Chanda Kochhar said the bank’s activities in this digital  village is not limited to providing cashless banking through  digital platforms, but was focussed on use of technology in all aspects of every resident there. This village, named Akodara, in Sabarkantha district of Gujarat incidentally happens to be the same place where Modi started Gujarat’s first animal hostel in 2011 when he was the Chief Minister of the state.

The animal hostel, a concept conceived by Modi was envisaged as a place where the cattle of the village are kept  and maintained together and have all necessary infrastructure facilities to take care of them.”Through this Digital Village initiative, we are trying to  set an example on how technology can change the lives of people,” said Kochhar, who began her career with erstwhile ICICI Ltd in 1984 as a management trainee and has been instrumental in shaping the retail banking sector in India.

“One of the key points is providing cash-less banking services to every villager. But it is not only about making sure that the commercial life of a person goes ahead without cash, but we want to ensure that technology is there in every sphere of life. “On banking we have digitised all our offerings, from opening an account to sale of goods to purchase of products including milk from the vendor or kirana stores. At the same time, we have digitised the school records, the Gujarat  syllabus and even teaching methods and tools.

“This way, we are ensuring that the teaching can be much more effective and can be done without physical books or  any other physical items in a school,” she said. Kochhar further said that ICICI is ensuring that all villagers have access to all the required data and information in a digital format.

“The villagers are very excited about the entire project and it is not only the residents of this particular village,but even those from adjoining areas are coming to us and sharing their excitement. The villagers are getting SMSs in   Gujarati for their transactions and other digital services,” she added.

नहाय खाय के सा‍थ छठ व्रत आज से शुरू


Beautiful and Spiritual Chhath ghat, Major festival of Kharauna

Beautiful and Spiritual Chhath ghat, Major festival of Kharauna.

नहाय-खाय के साथ आज से छठ शुरू हो गया। खरौना में  में दीपावली के बाद से ही छठ पर्व के गीत ‘महिमा बा राऊर अपार हे छठी मईया.., उ जे कांचही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाये.., छठी मइया आइ दुअरिया.., कोपी-कोपी बोलले सूरज देव.., हाजीपुर के केलवा महंग भइले.., मोरा भईया जाइला.., उगी-उगी सूरज देव.., डारी-डारी चहके सुगवा..’ की स्वर लहरियां सुनाई दे रही हैं। शारदा सि्हा, देवी, अुराधा पौडवाल, कल्पा, अजीत कुमार अकेला, सजो बधेला व सी के गाये छठी मइया के गीत वातावरण में गुंजायमान हैं।

छठ पूजा में नियमों का साफ़-सफाई का होता है विशेष 

गाँव के तमाम छठ पोखरों में आज से साफ़-सफाई का भी कार्य शुरू हो गया है. आपको मालूम ही होगा की छठ पर्व में नियमों का बड़ा ध्यान रखा जाता है और साफ़ सफाई को विशेष महत्त्व मिलता है. पर्व से पूर्व ही घर की साफ-सफाई, व्रतियों के लिए अलग से कमरा, अलग बिछाव, अलग बर्त का इंतजाम किया गया है। व्रतियों के कमरे में जूते-चप्पल पहनकर जाना सख्त मना है। आस्था का महापर्व छठ सोमवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हो जाएगा। चार दिवसीय अनु ष्‍ठान के दूसरे दिन मंगलवार को छठव्रती खरना करेंगे। बुधवार को अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अर्घ्‍य दिया जाएगा। गुरुवार की सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्‍य अर्पित करे के साथ महापर्व संपन्‍न जाएगा।

साक्षात् देव हैं भगवान भास्कर

छठ महापर्व पर भगवा भास्कर की पूजा होती है। वे साक्षात् देव हैं, जो लोगों को सीधे दिखाई देते हैं। सूर्य की पूजा आदि काल से की जा रही है। आचार्य पण्डित विनोद झा वैदिक का कहा है कि सूर्य की पूजा का उल्लेख द्वापर काल से मिलता है। तभी से सूर्य पूजा की परंपरा चली आ रही है। देश व दुनिया में सूर्य की पूजा विभिन्‍न रूपों में की जाती है।

छठ महापर्व के बारे में और यहाँ पढ़े..

प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों के नाम पर ”सांसद ग्राम योजना” का ऐलान किया


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से तिरंगा फहराया. मोदी लाल किले की प्राचीर से बिना लिखा हुआ भाषण देते हुए देश के सभी लोगों को आजादी के इस मौके पर शुभकामना दी. मोदी ने कहा कि मैं आपके बीच प्रधानमंत्री नहीं प्रधानसेवक के रूप में आया हूं. मोदी बिना किसी सुरक्षा घेरे के भाषण दे रहे थे.

उन्‍होंने कहा कि देश को हमारे किसानों ने बनाया है. एक दलित परिवार के बेटे को लाल किले के इस प्राचीर से झंडा फहराने का मौका मिला है. मैं सभी प्रधानमंत्रियों का आभार व्‍यक्‍त करना चाहता हूं. हम सभी देश को मिलकर आगे ले जायें ऐसा संकल्‍प करें. मैं सभी सांसदों का अभिनंदन करता हूं. कल संसद का आखिरी दिन था, इस दौरान हमें सभी दलों का सहयोग मिला. सभी सांसदों को शुभकामनाएं देता हूं.

मोदी ने कहा कि एक सरकार के अंदर दर्जनों सरकार चल रही थी. मैंने इस दीवार को गिराने का काम किया है्. उन्‍होंने कहा कि सरकार का एक लक्ष्‍य होना चाहिए. एक मति,एक नीति. बलात्‍कार की घटनाओं से शर्म आती है. शर्म से मेरा माथा झूक जाता है. मैं घर की माताओं और पिताओं से पूछना चाहता हूं कि कभी आपलोगों ने अपने बेटे से पूछा है कि देर से क्‍यों घर आ रहे हो,घर से बाहर कहां जा रहे हो. हम अपनी बेटियों पर तो पाबंदी लगाते हैं लेकिन बेटों पर नहीं. बेटों पर बंधन डालकर देखने की जरूरत है.

बेटी से तो मां-बाप सैकड़ों सवाल पूछते हैं, पर क्या बेटों से ये सवाल पूछते हैं. आखिर बलात्कार करने वाला किसी का तो बेटा है. मोदी ने नक्‍सलियों से हिंसा का रास्‍ता छोड़ने की बात कही. उन्‍होंने कहा हमें हिंसा का रास्‍ता छोड़कर एकता के रास्‍ते को अपना लें. उन्‍होंने कहा कि खूनखराबे से कुछ मिलने वाला नहीं है,खून खराबे से केवल देश की धरती लाल होगी. मार-काट से किसी को कुछ नहीं मिला है.

देश की आनबान शान में बेटियों का योगदान है. कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में 64 में से 29 पदक बेटियों ने दिलाया. मैं डॉक्टरों से कहना चाहता हूं कि अपनी तिजोरी भरने के लिए किसी बेटी को गर्भ में मत मारिये. जन-धन योजना के माध्यम से देश के गरीब से गरीब लोगों को भी बैंक अकाउंट योजना से जोड़ेंगे. मोदी ने गरीबों को तोहफा दिया है. एक लाख लोगों को बीमा योजना का लाभ मिलेगा. मोदी ने सांसदों के नाम पर नयी योजना बनाने की घोषणा की. प्रधानमंत्री ने सांसद आदर्श ग्राम योजना की घोषणा की.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में सफाई का काम सबसे बड़ा है. मैंने भी प्रधानमंत्री बनने के साथ ही सफाई का काम किया है. उन्‍होंने देश की जनता से सफाई का संकल्‍प करने का आहवान किया. उन्‍होंने कहा कि अगर सभी संकल्‍प करेंगे तो देश में हर ओर सफाई होगी और इसके बाद किसमें इतनी हिम्‍मत होगी कि कोई देश को गंदा कर सके.

देश में फैले नक्सलवाद पर चिंता जताते हुए मोदी ने कहा कि खून बहाने से धरती लाल होती है, परंतु कंधे पर हल रखा हो तो हरियाली आती है।

देश में लड़कियों की संख्या में कमी से चिंतित मोदी ने डॉक्टरों से भावुक अपील करते हुए कहा कि अपनी तिजोरी भरने के लिए किसी बेटी को गर्भ में मत मारिए। उन्होंने कहा कि इस बार के राष्ट्रमंडल खेलों में मेडल जीतने वालों में 29 बेटियां भी शामिल थीं।

इससे पहले लाल रंग की पगड़ी पहने हुए प्रधानमंत्री मोदी ने राजघाट पहुंच कर महात्मा गांधी को नमन किया। इसके बाद मोदी लाल किले पहुंचे जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर पर तिरंगा फहराया।

मोदी ने कहा कि म‍हात्‍मा गांधी की 150 जयंती आ रही है इसपर हमें सकल्‍प कराना है कि हर ओर सफाई हो. प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रत्‍येक स्‍कूलों में बच्चियों के लिए अलग टॉयलेट होना चाहिए. उन्‍होंने सांसदों से आग्रह किया की वे अपना एक साल का फंड टॉयलेट के लिए दें.

मोदी लाल किले पहुंचने से पहले महात्‍मा गांधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट पहुंचे. उन्‍होंने 68 वें स्‍वतंत्रता दिवस के इस महान मौके पर बापू को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद वह लाल किले के लिए निकले.

मोदी देश के श्रेष्ठ वक्ता माने जानेवाले अटल बिहारी वाजपेयी को अपना आदर्श मानते हैं. उनका मानना है कि लिखे हुए भाषण को पढ़ने से उनकी संवाद क्षमता प्रभावित होती है. अटलजी के साथ भी एक बार ऐसा हुआ था. ज्ञात हो कि मोदी ने चार मंत्रियों रवि शंकर प्रसाद, स्मृति ईरानी, अनंत कुमार और पीयूष गोयल को अलग-अलग मंत्रालयों के साथ सामंजस्य बैठाने और भाषण का खाका तैयार करने की जिम्मेवारी सौंपी है.

सरकार में मौजूद सूत्रों ने बताया कि भाषण में जिक्र किए जाने वाले विषय ‘प्वाइंट’ के रुप में मोदी के पास होंगे, जिसके आधार पर वह अपना भाषण देंगे. उनके भाषण को लिखित रुप देने का काम अनुवादकों के साथ प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) के अधिकारियों की एक बडी टीम करेगी.

गौरतलब है कि परंपरागत रुप से प्रधानमंत्री स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्र को संबोधित करने के दौरान पहले से लिखे हुए भाषण को पढा करते हैं. हालांकि, मोदी पहले से नहीं लिखा हुआ भाषण देने के लिए जाने जाते हैं. अपने भाषण में प्रधानमंत्री द्वारा अपनी दूरदृष्टि का जिक्र और अपने कार्यकाल के दौरान लागू किए जाने वाले कार्यक्रमों और नीतियों का एजेंडा बयां किये जाने की उम्मीद है.

विदेश नीति से जुडे मुद्दे पर उनके बोलने की उम्मीद है. मोदी द्वारा एक महात्वाकांक्षी वित्तीय समावेश योजना पेश करने की उम्मीद है जो 15 करोड लोगों को बैंक खाता मुहैया करेगा, जिसमें 5,000 रुपये की ओवरड्राफ्ट सुविधा (खाते में जमा रकम से अधिक निकासी) होगी और एक लाख रुपये की दुर्घटना बीमा होगी.

सूत्रों ने बताया कि दो चरणों वाले वित्तीय समावेश मिशन का मोदी यहां इस महीने के आखिर में शुभारंभ करेंगे. इसे केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. उन्होंने बताया कि सरकार इस योजना को देश भर में 28 और 29 अगस्त को संचालित करने के लिए तैयारी कर रही है.

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खरौना

तिरहुत नहर पर बना बाँध खरौना के समीप टूटा


तिरहुत नहर पर बना बांध (खरौना साईफन से २०० मीटर दक्षिण) टूट गया है. बाँध पकड़ी गाँव के तरफ का टूटा है जिससे पकड़ी के लोगों खासकर किसानो और गरीबों के लिए बड़ा संकट उत्पन्न हो गया है. आपको बता दें कई साल से चल रहे, बांधों को पक्का करने का काम इसी वर्ष पूरा किया गया था किन्तु नहर में अधिक पानी हो जाने के कारण पक्की बांध भी टूट गयी है. बांध टूटने से पकड़ी, खरौना के किसानो का बड़ा नुक्सान हो गया है गया है.

यह जानकारी सुजीत रंजन जी ने दी है.

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