तुलसी ने रचा अमेरिका में इतिहास, ली गीता की शपथ


First Hindu American Congresswoman takes oath on Bhagavad Gita

 

वाशिंगटन। भारतीय मूल के दो अमेरिकियों अमी बेरा और तुलसी गेबार्ड ने प्रतिनिधि सभा की शपथ लेकर इतिहास रचा। दोनों को स्पीकर जॉन बोएनर ने शपथ दिलाई। 1950 में दलीप सिंह संधू और 2005 में बॉबी जिंदल के बाद फिजीशियन अमी बेरा निचले सदन पहुंचने वाले तीसरे अमेरिकी-भारतीय हैं। वहीं तुलसी गेबार्ड प्रतिनिधि सभा के लिए चुनी जाने वाली न केवल पहली हिंदू अमेरिकी महिला हैं, बल्कि उन्होंने भगवद्गीता की शपथ लेकर अपना काम शुरू किया। गीता की शपथ लेने वाली वह अमेरिकी कांग्रेस की पहली सदस्य हैं।

31 वर्षीय तुलसी ने शपथ ग्रहण के बाद कहा कि गीता से मुझे हमेशा यह प्रेरणा मिली कि मैं अपना जीवन दूसरों और अपने देश की सेवा के लिए अर्पित कर दूं। वे कहती हैं कि गीता आत्मिक शांति का बेहतरीन स्त्रोत है और मुझे जीवन की तमाम कड़ी चुनौतियों से लड़ने की शक्ति इससे मिली है। उन्होंने कहा कि वे बहुजातीय और बहु संस्कृति वाले परिवार से ताल्लुक रखती हैं। मेरी मां हिंदू हैं, जबकि पिता कैथोलिक, जो मंत्रों का जाप भी करते हैं। हवाई आर्मी नेशनल गार्ड की कंपनी कमांडर तुलसी दो बार मध्य पूर्व के देशों में भी स्वेच्छा से अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।

2002 में हवाई की सबसे कम उम्र की प्रतिनिधि बनने और यह कारनामा कर दिखाने वाली सबसे कम उम्र की अमेरिकी महिला होने का गौरव भी उन्हें हासिल है। कभी भारत न जाने के बारे में पूछने पर तुलसी ने कहा, मैं अब सांसद के तौर पर वहां जाने की तैयारी कर रही हूं। उन्होंने कहा कि वैष्णव होने के नाते मैं वृंदावन जाना पसंद करूंगी।

दूसरी ओर, कैलीफोर्निया से निर्वाचित अमी बेरा ने कैपिटल हिल स्थित अपने कार्यालय पर एक साक्षात्कार में कहा कि आज उनके पिता का सबसे बड़ा सपना पूरा हो गया है, जो 1950 में गुजरात से यहां आए थे। डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रतिनिधि अमी को सदन की ताकतवर विदेश समिति का भी सदस्य बनाया गया है, जहां वे अमेरिकी विदेश नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे। उन्होंने कहा कि वे कृषि और आर्थिक क्षेत्र में भारत-अमेरिका संबंध मजबूत करने के लिए काम करेंगे। इसके साथ ही वे मरीजों को भी देखते रहेंगे।

भारतीय मूल के श्रीकांत अमेरिका में जज नामित

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भारतीय मूल के अमेरिकी श्रीकांत श्रीनिवासन सहित 33 संघीय न्यायाधीशों को अमेरिका की अपीलीय अदालत में फिर से नामित किया है।

श्रीनिवासन डिस्ट्रिक ऑफ कोलंबिया सर्किट की अपीलीय अदालत के लिए पुनर्नामांकित होने वाले एकमात्र भारतीय अमेरिकी हैं।

ओबामा ने कहा, ‘मैंने 33 बेहद योग्य उम्मीदवारों को संघीय पीठ के लिए पुनर्नामांकित किया है। इनमें से कई ऐसे हैं जिनके नामों की पुष्टि सीनेट के स्थगित होने से पहले हो सकती है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं सीनेट से आग्रह करता हूं कि नामांकित उम्मीदवारों के नामों पर बिना विलंब के विचार किया जाए और उनकी पुष्टि की जाए ताकि सभी अमेरिकियों को समान व समय से न्याय मिल सके।’

चंडीगढ़ में जन्मे श्रीनिवासन की परवरिश कनसास के लॉरेंस में हुई। उन्होंने 1989 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से स्नातक किया और फिर वर्ष 1995 में स्टैनफोर्ड लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई की। उन्होंने स्टैनफोर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए की डिग्री भी हासिल की है। पिछले साल जून में ओबामा ने श्रीनिवासन को डिस्ट्रिक ऑफ कोलंबिया सर्किट की अपीलीय अदालत में नामांकित किया था।

Posted In Dainik Jagran News

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