क्यूँ है वो हमसे ख़फा…


ऐसा क्या हमने उनको लिखा,
जो हो गयी वो हमसे खफा,
उन अल्फाजों में मेरे ख्याल थे,
हकीकत होने वाले सब ख्वाब थे,
जो भी था मैंने दिल से लिखा था,
उनको अपना जानकर लिखा था,
फिर क्यूँ है आज वो हमसे खफा,
जिनसे हमने की है हरदम वफ़ा।।

**************************

उसकी सौ हाँ ने उम्मीदें जगाई थी,
पर उसके एक ना ने दिल तोड़ दिया…
उसकी हर बात दिल को छूती थी,
क्यूँ उसकी ख़ामोशी ने हमें तोड़ दिया…

**************************

कुछ छोड़ देना मेरा मुझमें,
जाने सब रंगती जा रही हो,
कल मिला था मेरा बीता कल मुझसे,
बोला बड़ी तेजी से तुम बदलते जा रहे हो…

**************************

आज मिलो जो अगर मुस्कुरा के मिलना,
झूठा ही सही पर प्यार से मिलना,
नींदों ने जगाया बहुत है तुम्हारे सपने दिखाकर,
तुम दिल रख लेना मेरी बातों पर मुस्कुरा कर…

***************************

सब भूल गया हूँ तेरी इन आँखों में,
अब तुम ही रहती हो मेरी आँखों में,
न मालुम कौन, कहाँ, किस हाल में है,
मुझे मालुम मेरा ख्वाब मेरे साथ में है…

***************************

अब रूठ के खुद पे गुस्सा करना अच्छा लगता है,
अब टूट के गिरना अच्छा लगता है,
ख्वाब जो देखें टूट गए,
पर उनमें ही जीना सच्चा लगता है।
हकीकत लाख हसीं हो गयी है लेकिन,
हमें ख्वाबों में रहना अच्छा लगता है।।

***************************

तुम आने का वादा तो करो,
मै इन्तेजार में गुजरने को तैयार हूँ,
तुम मिलने की उम्मीद जो दो,
हर मोड़ पे रुकने को तैयार हूँ,
अपने हसीं ख्वाब जो दो,
मै ख्वाबों में ही जीने को तैयार हूँ।।
तुम अपनी मुस्कान का राज जो दो,
इनको जाने का कभी मै मौका न दूँ।
तुम आने का वादा तो करो,
मै इन्तेजार में गुजरने को तैयार हूँ,

**************************

ऐसी भी क्या किसी ने चाहत की होगी,
बिना देखे माशूक से मुहब्बत की होगी,
ख्वाब देखते वक़्त ही टूटना लिख दिया उसने,
और मुहब्बत के आग ने वो दस्तावेज जला डालें..

**************************

सुबहों से हमेशा उम्मीद होनी चाहिए कोई शिकवा नहीं,
पर क्या करें कोई जब रात इतनी भयानक गुजरी हो,
दिल टुटा हो, आँखें रोई हो,
तब आसान नहीं होता सुबह से नयी शुरुआत…
है यकीं इस सुबह को की वो रात फिर से लौटेगी,
यकीं ये भी की वो और हसीन हो लौटेगी,
देने को फिर से चाँद और सितारे होंगे उसके पास,
और नींदों में ख्वाब भरने की उसकी इक्षा होगी ख़ास…
जो लौटी वो आज मेरी हो के रह जाएगी…
गर न आयी वो आज,
मै भी छिपा लूँगा उसके हर ख्वाब को,
खोया तो पहले भी था,
अब ख़त्म कर दूंगा सारे ख्वाब आज…

***************************
– सन्नी कुमार

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s