ढेरों सपने लिए


ढेरों सपने लिए,
जो कर्त्तव्य पथ पे चले|
उसे रोके कौन तूफ़ान,
जिसमें हौसले बड़े|

इच्छा जिसकी भली,
जरुरत जिसकी हो कम ही,
वो झुके क्यों कहीं?
जो हो, खुद में सभी|

डरे नहीं जो मुश्किल से,
जो डिगे नहीं सिद्धांतो से,
कोई उलझन जिसे उलझाये ना
वही बढ़ा है आगे,
वही बढेगा आगे|

किसी में हिम्मत कहा,
उसके रथ को रोके,
जिसके घोड़े है विचार,
विवेक-बुद्धि सारथी|

ढेरों सपने लिए,
जो कर्त्तव्य पथ पे चले|
उसे रोके कौन तूफ़ान,
जिसमें हौसले बड़े|

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